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Thu. Apr 2nd, 2026

रामायण में लक्ष्मण की जान बचाने वाली संजीवनी बूटी : लेह के वैज्ञानिकों का शोध


हिमाचल प्रदेश के लेह के वैज्ञानिक संस्थानों के शोध में साबित हो गया कि संजीवनी बूटी में दर्शाए के सभी औषधीय गुण सीबकथार्न पौधे में पाए जाते हैं। और ये रामायण में लक्ष्मण की जान बचाने वाली संजीवनी बूटी ही है। जो हनुमान जी लेकर आए थे। ये पौधा हिमालय में बर्फीले क्षेत्र में पाया जाता है। इसके फल और पत्तियां समेत पूरा पौधा गुणकारी है।

हालांकि सदियों से इस पौधे का फल अपने चिकित्सिय गुणों और राहत देने वाले प्रभावों के कारण चीनी दवाओं में है। बाद में विज्ञान ने भी इसके हेल्दी फायदों के बारे में खुलासा किया। वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार इसे संजीवनी बूटी के गुण मिलते है। जिसका इस्तेमाल रामायण काल में किया गया था। इसके अलावा 80 की दशक में रूसी अंतरिक्ष विभाग द्वारा सी-बक्थोर्न अंतरिक्ष यात्रियों को पोषण योजना और विकिरण में लड़ने के लिए सप्लीमेंट के रुप में दिया गया था। आपको पता है कि सी-बक्थोर्न भारतीय सैनिको की खुराक का एक हिस्सा है।

खट्टे स्वादवाला यह फल पकने के बाद ही खाया जाता है, जब यह स्वादिष्ट लगता है। जिसके जूस या फिर अन्य रुपों में भी इस्तेमाल किया जाता है। कई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि सी-बक्थोर्न हानिकारक फ्री रेडिकल्स की उत्पत्ति और ऑक्सूडेटिव स्ट्रेस को भी कम करता है।

इसका सेवन करने से यह शरीर की बृद्धि, विकास और उसे स्वस्थ रखता है। अन्य कोशिकाओं संरचनाओं के लिए निर्णाण ब्लॉक के रुप में काम करता है। ठंडे शरीर में इंसुलेशन देता है। यह एक एथलीट को बेहतर प्रदर्शन में भी मदद करता है। यह एथलीटो की सहनशक्ति बढ़ाने के साथ-साथ कॉम्पिटिशन के बाद दोबारा स्वस्थ्य रखता है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, इसमें मौजूद फास्फेटिडाइलेसेरिन(पीएस) शरीर के उूतकों को टूटने से बचाता है। इसके अलावा मानसिक तनाव, कैंसर, डायबिटीज, मांसपेशियों को मजबूत थायरॉइड को करे कंट्रोल,लिवर को रखे हेल्दी, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।

शरीर के जोड़ो को रखे हेल्दी वजन करे कंट्रोल बाल, नाखून और स्किन को रखे हेल्दी आंखो को रखे हेल्दी
एल्जाइमर से दिलाएं निजात सिरोयसिस, एक्जिमा, झाईयां और मुहांसों में भी फायदेमंद होता है।

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