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Thu. Apr 2nd, 2026

पत्रकार की दिव्यांग बेटी प्रतिभा ने दिखाई अपनी क्षमता

हिमाचल प्रदेश में एक पत्रकार की दिव्यांग बेटी जिनका नाम ही प्रतिभा हैं। उसने अपनी प्रतिभा साबित की हैं। प्रतिभा ठाकुर ने दृष्टिबाधित ( दिव्यांग) होने के बाद भी अपनी प्रतिभा, मेहनत और कड़ी लगन से सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया हैं।

प्रदेश विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान विभाग में पीएचडी की छात्रा, सामाजिक कार्यकर्ता, रक्तदाता और कवि प्रतिभा ठाकुर का चयन कॉलेज कैडर में सहायक प्रोफेसर राजनीति विज्ञान के पद पर हुआ है। वह 75 प्रतिशत दृष्टिबाधित है।

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में विकलांगता मामलों के नोडल अधिकारी प्रो. अजय श्रीवास्तव ने बताया कि मंडी के गांव मटाक, डाकघर- तरनोह की रहने वाली प्रतिभा ठाकुर ने अपनी दिव्यांगता को कभी भी रुकावट नहीं समझा और हमेशा सभी परीक्षाएं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की हैं।
प्रतिभा ठाकुर के पिता खेमचंद्र शास्त्री मंडी में पत्रकार और मां सविता कुमारी सरकारी अध्यापिका हैं। उसने मंडी कॉलेज से राजनीति विज्ञान में एमए और बीएड भी किया हैं।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में महिलाओं का मतदान व्यवहार विषय पर डॉ महेंद्र यादव के निर्देशन में पीएचडी कर रही है। बचपन से ही वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर उसने कई पुरस्कार प्राप्त किए हैं।

अपनी सफलताओं का श्रेय प्रतिभा ठाकुर अपने माता-पिता, शिक्षकों और उमंग फाउंडेशन को देती है। उनका कहना है कि यदि उन्हें कदम -कदम पर सहयोग मिला है। तो आज इस मुकाम पर पहुंची हूं।

प्रतिभा शिमला में उमंग फाउंडेशन के साथ जुड़कर सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेती रही और कई वर्षों से नियमित रक्तदान भी कर रही हैं। प्रतिभाशाली प्रतिभा छात्रा है। उसे पीएचडी के लिए नेशनल फैलोशिप भी मिली है।

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