
दिल्ली : जब से सरकार ने 2000 के नोट को बंद करने की घोषणा की है। और सितंबर तक जमा करने की समय सीमा तय की हैं। तब से 2000 के नोट जमा हो रहे है। कुछ बैंकों में सीधे जमा हो रहे है। कुछ कारोबारी अपने कर्मचारियों को वेतन के तौर पर भी दे रहे है।
लेकिन सवाल उठता है कि अब ये नोट कहां से आने लगे। कहीं ये कमाई छुपा कर तो नहीं रखी थी। ऐसी कमाई का इस्तेमाल चुनाव के दौरान होता रहा है। लेकिन सरकार ने पानी फेर दिया।
बैंकर्स के अनुसार तीन चौथाई भारतीय 2000 रुपये के नोट को बदलने की जगह अपने बैंक खातों में जमा कराना पसंद कर रहे हैं। लोगों के इस चलन की वजह से बैंकों के जमा में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
छह सरकारी और निजी क्षेत्र के बैंकरों का दावा है कि 23 मई, 2023 से अब तक 2000 रुपये के जितने भी नोट बैंकों में आए हैं, उनमें से 80 फीसदी से ज्यादा लोगों ने खाते में जमा किए हैं।
बैंकरों का कहना है कि लोगों की इस प्रवृत्ति 2000 के नोट जमा करने से बैंकों में कुल जमा मौजूदा 10.9 फीसदी के स्तर से बढ़ जाएगा। बैंक ऑफ बड़ौदा की अर्थशास्त्री दीपनविता मजूमदार ने कहा कि सितंबर, 2023 तक 2000 रुपये के कुल नोटों के 75 फीसदी जमा होने से बैंक के जमा में 2.7 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है।
