जिला शिमला की चौपाल तहसील में जन्मे डॉ० ओ० एस० चौहान राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल अंबोया आंज भोज क्षेत्र में प्रधानाचार्य की बेहतरीन सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत हुए हो गए है। गत दिन उनको स्कूल में शिक्षकों व स्टाफ ने विदाई दी।
एक कृषक परिवार में 10 अप्रैल, 1965 को जन्मे पिता स्वर्गीय सुखराम चौहान व माता स्वर्गीय कमला चौहान के घर हुआ। अपने पिता से कर्मठता और निष्ठा जैसे गुण प्राप्त किए। दसवीं की परीक्षा राजकीय उच्च पाठशाला नेरवा से अच्छे अंक लेकर उत्तीर्ण की । इसके पश्चात सी०एन०आई० इंटर कॉलेज देहरादून से 12वीं की परीक्षा पास की।
1984 में बी०एस०सी० तथा 1986 में एम०एस०सी० की डिग्री डी०ए०वी० (पी.जी.) कॉलेज देहरादून से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। तत्पश्चात् जीव विज्ञान के क्षेत्र में अधिक रूचि होने के कारण आपने पी.एच.डी. की उपाधि बोटैनिकल सर्वे ऑफ इंडिया एंड डी०ए०वी० (पी.जी.) कॉलेज देहरादून से प्राप्त की।
शिक्षा अर्जन के पश्चात् 26 अक्टूबर, 1990 को आपने प्रवक्ता जीव विज्ञान के पद पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चौपाल में उच्च शिक्षा विभाग में पदार्पण किया।
इसके पश्चात् सामाजिक जीवन में प्रवेश करते हुए आपका शांता चौहान से पाणिग्रहण संस्कार 28 अप्रैल, 1994 को हुआ।
इनकी बड़ी पुत्री प्राची, अंग्रेजी विषय में स्नातकोत्तर तथा शिक्षा स्नातक की डिग्री प्राप्त कर अभी अध्ययनरत है।
छोटी पुत्री एष्टा, फूड एंड साइंस टेक्नोलॉजी में स्नातक की डिग्री प्राप्त कर,अध्ययनरत है।
चौपाल और भगानी स्कूल में सेवाएं देने के बाद जुलाई, 2004 में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्र) नाहन
जनवरी, 2005 से जुलाई, 2010 तक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नघेता में सेवाएं दी।
इसके बाद राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सतौन और सितंबर, 2013 को स्थानांतरण पुनः राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भगानी साहब के लिए हुआ ।
अगस्त, 2016 में प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नत होकर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नैनीधार में कार्यभार संभाला।
वहां जाकर भी दुर्गम क्षेत्रों से आने वाले गरीब बच्चों के भविष्य को सुधारने हेतु सराहनीय प्रयास किए।
तत्पश्चात् 28 नवंबर, 2019 को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला अम्बोया में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यभार संभाला। व्यवहार कुशलता और विषय विशेषज्ञता के आधार पर विद्यार्थियों के प्रिय रहे हैं। विशिष्ट उपलब्धियों में इनके द्वारा पढ़ाए गए कई छात्र व छात्राएं एम०बी०बी०एस०, एम०डी०एस०, शिक्षा विभाग, पुलिस तथा सेना में उच्च पदो पर सुशोभित है।
शिक्षा के प्रति अभिरुचि के साथ कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं में भी कार्य किया है। हरि सिंह मेमोरियल स्पोर्ट्स क्लब चौपाल के आजीवन सदस्य तथा चूड़ेश्वर सेवा समिति के सदस्य रहे हैं।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला अम्बोया में 15 लाख की लागत से खेल मैदान का कार्य, 28 लाख की लागत से विज्ञान प्रयोगशाला का कार्य , थ्री फेज बिजली का प्रावधान और 1.5 लाख की लागत से कार्य करवाना, इस विद्यालय की प्रगति में एक सार्थक मील का पत्थर है।
शिक्षा विभाग में लगभग 33 वर्षों का सेवाकाल पूर्ण करने बाद 30 अप्रैल, 2023 तक सेवानिवृत्ति को सेवानिवृत हुए।

