जिला सिरमौर के पांवटा साहिब की आशा वर्कर्स को पिछले 4 महीनों से सैलरी नहीं मिली है। जिसके कारण उनके परिवार और बच्चों के खर्चे चलाने मुश्किल होते जा रहे हैं। जबकि यह वही आशा वर्कर्स है जिन्होंने कोरोनाकाल में अपने जीवन को दांव पर लगाकर कोरोना वरियर्स बनकर सम्मान पाया था।
इन्होंने अपनी सैलरी को लेकर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को लिखित पत्र सौंपा है जिसमें उन्होंने पिछले 4 महीनों की दिसंबर से लेकर मार्च माह तक सैलरी नहीं दिए जाने की शिकायत सौंपी है।
आशा वर्कर्स अनीता, वर्षा, जसविंदर, मिलन, पूनम, सोनिया, रीना, ज्योति, सोनू, रुबीना ने बताया कि पिछले 4 महीनों से उन्हें सैलरी नहीं मिली है सिर्फ इतना ही नहीं 2 वर्षों से उन्हें TB मरीजों की देखभाल को जो इंसेंटिव मिलता है वह भी नहीं दिया गया है।
उन्होंने बताया कि पिछली कई ट्रेनिंग का इंसेंटिव भी उन्हें नहीं दिया गया है जबकि आशा आज भी जमीनी स्तर पर काम कर रही हैं। इस बारे में बीएमओ केएल भगत ने कहा कि आशा वर्कर्स के शिकायत मिली है। जल्दी ही इसका समाधान किया जाएगा।

