हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने के बाद जिला सिरमौर में पुलिस अधीक्षक ने पूरे जिला सिरमौर में 88 पुलिस कर्मचारियों के तबादले कर दिए। यह तबादले ताश के पत्तों की तरह फेटा गया है।
हैरानी की बात यह है कि जिला सिरमौर के पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक ने भी इस मामले में चुप्पी साध ली है क्योंकि इतने बड़े़े स्तर पर तबादले आखिर क्यों किए गए हैं।
जबकि जिन स्थानों से तबादले हुए हैं उनकी जगह नए लोगों को नहीं भेजा गया है अब जांच अधिकारी अधिकारियों की कमी भविष्य में पुलिस के लिए बड़ा संकट पैदा कर सकती है।
यह भी सवाल उठता है कि पांवटा साहिब से भी बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं जबकि उनके स्थान पर नए लोगों की कमी है पहले ही यहां पर स्टाफ की कमी से पुलिस विभाग जूझ रहा है।
आखिर किसके इशारे पर तबादले हुए हैं यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा या फिर भाजपा के नेता ही इस बारे में कुछ बता पाएंगे। भाजपा नेताओं पीएसओ को भी दूरदराज क्षेत्रों में फेंक दिया गया है।

