सिरमौर रियासत के अंतिम शासक रहे महाराजा राजेंद्र प्रकाश के दत्तक पुत्र उदय प्रकाश का वीरवार को निधन हो गया। उदय प्रकाश 70 वर्ष के थे। उन्होंने सिरमौर हाउस देहरादून में अंतिम सांस ली।
उनकी करीब तीन माह पहले उनकी ओपन हार्ट सर्जरी हुई थी। हालांकि उनकी हालत में सुधार था। कुछ समय पहले वह नाहन भी आए थे।
स्व. उदय प्रकाश ने नाहन स्थित शाही महल के एक हिस्से का कुछ समय पहले जीर्णोद्धार करवाया था। वीरवार रात आई इस दुखद खबर के बाद सोशल मीडिया पर भी स्व. उदय प्रकाश के निधन पर संवेदनाएं प्रकट की जा रही हैं।
गौरतलब है कि महाराजा राजेन्द्र प्रकाश ने 1933 ई० में गद्दी प्राप्त की। उनके पिता के समय के दौरान उन्हें राज्य प्रशासन में अच्छी तरह प्रशिक्षित किया गया था। वह एक बेहतरीन खिलाड़ी भी थे।
15 अप्रैल, 1 936 ई० में उन्होंने मध्य भारत में नागोड़ राज्य से साथ गठजोड़ किया और विवाह किया। उनके प्रशासन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू ऋण के नियमों मे उदारीकरण का एलान था।
अंतिम शासक के शासनकाल के दौरान सबसे दिलचस्प गतिविधियों में से एक, राज्य में स्वतंत्रता सेनानियों की वृद्धि की गतिविधि थी, जिसमे प्रजा मंडल ने राजशाही और ब्रिटिश भारत सरकार के खिलाफ जनमत जुटाने में प्रमुख भूमिका निभाई। अंततः यह रियासत भारत के संघ और हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के रूप मे विलय हुई।
इसके दतक पुत्र देहरादून के सिरमौर हाउस में रहने लगे थे
