हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के पांवटा निर्वाचन के गांव बनौर निवासी 108 वर्षीय धूड़ू राम का कल शाम पांवटा साहिब में निधन हो गया।
उन्होंने सिरमौर जिला में लोकसभा चुनाव के स्वीप कार्यक्रम में प्रमुख आईकन की भूमिका निभाई थी। लोकसभा चुनाव में तब के डीसी ललित जैन ने पांवटा के बनौर गांव का दौरा करके स्वयं धूड़ू राम से मुलाकात करके उनका कुश्लक्षेम पूछा था।
गौरतलब है कि धूड़ूराम प्रदेश के सबसे वरिष्ठ मतदाता थे। सिरमौर मेें लोकसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं को जागरूक करने के लिए धूड़ू राम प्रमुख आईकन थे।
और इनका संदेश जिला में घर घर तक पहूंचाया गया। इनके हौसले से अन्य मतदाताओं को भी प्रेरणा मिली। धूड़ूराम के आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र में इनकी आयु एक जुलाई,1915 अंकित है ।
धूड़ू राम पेशे से पंडिताई का कार्य करते रहे थे और अपने क्षेत्र के जाने माने पंडित रहे हैं। धूड़ू राम अपने परिवार में अपनी चौथी पीढ़ी के साथ रह रहे थे। धूड़ू राम के तीन बेटे है जिनमें एक बेटा डाक विभाग से सेवानिवृत हुए है एक बेटा अध्यापक थे जिनका निधन हो गया है और एक बेटा घर पर कार्य करते हैं ।
धूड़ू राम के पोते और पड़पोते हो गए है । उस वक्त धूड़ू राम ने कहा था कि उनके द्वारा अंग्रेजो और रियासत काल का समय भी अच्छे तरीके देखा है और स्वतंत्र भारत में अनेको बार मतदान भी कर चुके है ।
उन्होने कहा था कि लोकतंत्र के इस महापर्व में सभी लोगों को अपना मतदान करना चाहिए। उन्होने कहा था कि वर्तमान में अनेक लोग मतदान नहीं करते है जोकि उचित नहीं है

