हिमाचल प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद नगर परिषद और नगर निगम में पार्षदों के मनोनित होने का सिलसिला जारी है। नगर परिषद पांवटा साहिब में चार पार्षद मनोनित होने है। नियम के तहत पार्षद का चुनाव हार चुके मनोनित पार्षद नही हो सकते। इसलिए अब कांग्रेस पार्टी के समर्पित और वफादार वर्कर ही पार्षद हो सकते हैं।
दूसरी बात इस वक्त चौधरी किरनेश जंग ही अपने समर्थित लोगों को एमसी में मनोनित करेगे। हरप्रीत बीजेपी में जा चुके है। अवनीत लांबा और असकर अली भी अपने लोगो को एमसी में लाना चाहते है। अनिंदर सिंह नॉटी कांग्रेस छोड़ चुके है। मनीष ठाकुर रोहरू वाले भी कांग्रेस में छोड़ चुके है। अब जंग ही है। और जंग के बिना कुछ हुआ तो कांग्रेस को लोकसभा में भारी नुकसान होगा। मनोनित पार्षद के लिए अवनीत लांबा, असगर अली आदि नेताओ ने सूची दी है। लेकिन अंतिम मुहर जंग की ही लगेगी। नही तो लोक सभा चुनाव में कई लोग कांग्रेस को छोड़ सकते है।

