हिमाचल प्रदेश में सोलन के दाड़लाघाट और बिलासपुर के बरमाणा में बंद हुए सीमेंट प्लांट के कारण 30000 से अधिक लोग बेरोजगार हो गए हैं। सरकार दोनों पक्षों के बीच विवाद को सुलझाने का प्रयास कर रही है लेकिन अभी तक इसका कोई हल नहीं निकला है जिस कारण सीमेंट प्लांट और आसपास के बाजार में सन्नाटा पसर गया है।
इससे हजार लोगों की रोजी रोटी छिन गई है। 10 हजार ट्रकों के पहिए थम गए हैं। वे यार्ड में खड़े धूल फांक रहे हैं। इनके ड्राइवर्स, कंडक्टर्स और मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। इनके साथ ही दोनों इलाकों के दुकानदार, ढाबे वाले, क्लीनर्स भी रोजगार का संकट झेल रहे हैं।
ट्रक ऑपरेटर्स ने लोन लेकर वाहन खरीदकर प्लांट में काम पर लगाए, लेकिन अब उनके लिए लोन की किस्तें चुकाना मुश्किल हो गया है। 3 दशक से चले रहे प्लांटों के बंद होने से कंपनी को कोई फर्क
नहीं पड़ा, लेकिन इनसे जुड़े लोगों के लिए भूखे मरने की नौबत आ गई है।
सुक्खू सरकार बीच का हल निकालने में जुटी प्रदेश की सुक्खू सरकार ने विवाद सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन ट्रक ऑपरेटर्स अपनी मांग पर अड़े हैं और कंपनी अपनी बात पर अडिग है।

