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Sat. Apr 18th, 2026

पांवटा साहिब: आंखों में थे पिता की मौत के आसूं , फिर भी पूरा परिवार अर्थी को कंधा देने से पहले वोट डालने पहुंचा

बेटा, बहु और बेटी वोट डालने के बाद, घर में संस्कार के लिए आए ग्रामीण

जिला सिरमौर के पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र की गोजर पंचायत के डोडली बूथ पर एक परिवार ऐसा भी था।जिन्होंने वोट डालने के फर्ज को अदा किया। और उन लोगों के लिए भी एक संदेश है जो वोट डालने के लिए नहीं जाते।पिता की अर्थी घर में थी लेकिन फिर भी वोट डालकर आए।

गोजर पंचायत के रणबीर सिंह ने बताया कि कल रात बीमारी के कारण कश्मीरी लाल की मौत हो गई थी। वह डोडली गांव में रहते है। लेकिन सुबह इनका परिवार वोट डालने के लिए आगे आया। वोट डालने के बाद परिवार घर गया। घर जाने के बाद ही सभी ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की। ग्रामीणों और रिश्तेदार भी सहयोग किया। यह कोई छोटी बात नहीं है देश और समाज के लिए अपना फर्ज अदा करने का संदेश भी है।

ये भी कर चुके है फर्ज अदा

गौरतलब है कि आजादी के बाद भारत में जब पहले आम चुनाव हुए थे तो श्याम शरण नेगी ने ही उसमें पहला वोट डाला था।इस बार भी लोकतंत्र के महापर्व पर उन्होंने बैलट से अपना वोट दिया था और उपायुक्त व किन्नौर के माध्यम से उन्होंने इस बार घर से ही वोट डाला था। इससे पहले ही वह कई किलोमीटर पैदल जाकर मतदान स्थल पर वोट डालते रहे हैं।लेकिन इस बार स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्होंने घर से ही वोट डाला लेकिन दुनिया को अलविदा कह दिया।

 

 

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