
रोशन लाल शास्त्री समाज सेवा के लिए शिक्षक की नौकरी छोड़कर रिटायरमेंट लेकर राजनीति में उतरे है। पिछले कई सालों से जनता के बीच में हैं वर्ष 2017 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी से टिकट मांगा था।
लेकिन उनको टिकट नहीं मिला इसलिए अब वह निर्दलीय मैदान में उतर गए हैं। इस बार भी उन्होंने टिकट मांगा था लेकिन उनको नहीं मिला अब अपने समाज के बीच में जाकर वह न्याय मांग रहे हैं उनको अपने समाज के अलावा विभिन्न वर्गों का समर्थन मिल रहा है।
उनके कार्यकर्ताओं का कहना है कि रोशन लाल शास्त्री दिन-ब-दिन मजबूत होते जा रहे हैं। वह कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशी को कड़ी टक्कर दे रहे हैं अब देखना है कि 12 नवंबर को जनता किसके पक्ष में वोट डालती है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
रोशन लाल शास्त्री जनता के बीच में गुरुजी के नाम से जाने जाते हैं शिक्षा के क्षेत्र में इनका बहुत बड़ा योगदान है और यह आरएसएस विचारधारा से भी जुड़े हुए हैं।
