जिला सिरमौर के पांवटा साहिब तहसील के आंजभोज क्षेत्र के भरली राजकीय महाविद्यालय में चूड़ेश्वर शिरगुल सेवा समिति’ की ओर से आयोजित 21वां महाधिवेशन यादगार बन गया। जन आस्था के सैलाब को देखकर हर व्यक्ति गदगद और प्रफुलित दिखाई दे रहा था।
इसके अलावा समिति की ‘आंज भोज’इकाई द्वारा किए गए इस विशाल आयोजन के सुप्रबंध की मेहमान शिरगुल भक्तो ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की इकाई अध्यक्ष रमेश चौहान समिति के कार्यकर्ता और पूरे क्षेत्र के लोग बधाई के पात्र हैं ।
स्थानीय समिति अध्यक्ष रमेश चौहान के स्वागत भाषण के बाद गोपाल दिलैक, हरिनंद मेहता, नारायण सिंह
चौहान,बी.एस.नैन्टा,रामभज चौहान तथा प्रो. अमरसिंह चौहान ने जहाँ केन्द्रीय समिति द्वारा किए गए विगत वर्षों के कार्यों से अवगत कराया वहीं भावी योजनाओं पर भी विस्तार से जानकारी दी।
पुराण वाचक प्रकाशानन्द महाराज का उद्बोधन भी श्रोताओं को खूब भा गया । चूड़धार मंदिर को और अधिक सुंदर बनाने तथा यात्रियों की सुविधा के लिए किये जाने वाले कार्यों के लिए इस अवसर पर उपस्थित बहुत से लोगों ने दिल खोलकर श्रम दान, धन दान तथा चांदी दान की।
इसके अलावा शिरगुल महाराज के मूल स्थल शाया तथा आस-पास के लोक वाद्य वादकों की देवधुन भी आकर्षण का विषय बनी रही । आयोजन के बाद विशाल भण्डारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद पाकर स्वयं को धन्य माना।
ये कार्यक्रम भव्य तथा दिव्य रहा आज का यह आयोजन जिसके लिए हर व्यक्ति स्थानीय इकाई की सराहना करता सुना गया। नेतर चौहान समाण ने अपने पिता स्वर्गीय धर्म सिंह की याद में एक किलो चांदी दान की और एक लाख रुपए भी दिए। अर्जन दुलैयक ने भी एक किलो चांदी दान की। इसके अलावा 24 लोग 21000 देकर समिति के आजीवन सदस्य बने।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए वैसे तो सभी का योगदान रहा है। विशेष तौर पर ज्वाइंट डायरेक्टर उद्योग जीएस चौहान रूदाना, देवराज नेगी भडाना, चतर सिंह छुछेती और रंगीलाल का योगदान रहा।

