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शिरगुल भक्तो का लगेगा मेला : 3000 से अधिक भक्त होगे शामिल, पढ़िए पूरी खबर

शिरगुल भक्तो का लगेगा मेला : 3000 से अधिक भक्त होगे शामिल, पढ़िए पूरी खबर

शिरगुल भक्तो का मेला ही है। शिरगुल सेवा समिति चूड़धार का 21वाँ वार्षिक महाधिवेशन 25 फरवरी रविवार को 10 बजे प्रातःआंज भोज क्षेत्र के राजकीय डिग्री कॉलेज भरली के परिसर में आयोजित होने जा रहा है। ये आयोजन चूडेश्वर सेवा समिति आंज भोज इकाई की ओर से किया जा रहा है। शुक्रवार को फाइनल तैयारी पर बैठक का आयोजन किया गया।

शिरगुल भक्त क्षेत्रवासी इस ऐतिहासिक पर्व के साक्षी बनेंगे। इस महाधिवेशन में जिला सिरमौर, सोलन, शिमला व देहरादून के अन्तर्गत 54 क्षेत्र के लगभग 500-600 शिरगुल भक्त पँहुचेगे।

महाधिवेशन के मुख्य आकर्षण

चूड़ेश्वर सेवा समिति चूड़धार के मुख्य संरक्षक एवं अन्य भक्तों के वक्तव्य द्वारा शिरगुल देवता की शक्ति व भक्ति का रसपान का सौभाग्य प्राप्त होगा।

सेवा समिति के पिछले 23-24 वर्षो की उपलब्धियों एवं भविष्य की योजनाओं से भी अवगत करवाया जाएगा।

वातावरण को देवमय बनाने के लिए शिरगुल देवता के जन्म स्थान शाया (राजगढ़) से बजंतरियों की टीम द्वारा देव पूजन एवं विधाओं की पारम्परिक वाद्य यंत्रों की धुनों एवं तालो का प्रदर्शन किया जाएगा।

शिरगुल देवता के श्रद्धालुओं की सेवा में समर्पित विभिन्न क्षेत्रों के शाखा प्रतिनिधियों द्वारा अपने क्षेत्रों की गतिविधियों का वक्तव्य प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद दोपहर एक बजे से भंडारे का आयोजन होगा। इस अधिवेशन में क्षेत्र और बाहर से 3000 से अधिक शिरगुल भक्तो के पहुंचने की संभावना है।

अधिवेशन के लिए उप समितियां के लिए जिम्मेदारी
पूड़े बनाने की जिम्मेदारी आगरों ,भरली और नघेता गांवों को सौंपी गई है। पूड़े बनाने के सामग्री खुद ही गांव से करेंगे।

मेहमानों को ठहरने के लिए अकोमोडेशन और लॉजिंग उप समिति की जिम्मेदारी संतराम ठंडू और प्रताप लाला बनौर को सौंपी गई है।

दोनों दिन के लिए पेयजल वितरण की व्यवस्था रुदाना गांव को सौंप गई है। दोनों दिन भोजन वितरण की व्यवस्था सुनोग और भैला गांवों को सौंपी गई है।

अधिवेशन के दिन शिरगुल देवता के श्रद्धालुओं के लिए पंडाल में पैक्ड रिफ्रेशमेंट और चाय वितरण की व्यवस्था टौंरू और कलाथा गांवों को सौंपी गई है।

राशन सामग्री का भंडारण व्यवस्था और राशन को जारी करने का उत्तरदायित्व दीपचंद भंडारी भरली वाले की टीम को सौंपा गया है।

वाहन पार्किंग की व्यवस्था सभा स्थल पर और रोड के आसपास की जिम्मेवारी चीकू उस्ताद और उनकी टीम को सौंपा गया है।
पंजीकरण उपसमिति में सुंदर सिंह तोमर, जेबीटी ,गांव डांडा और सीताराम तोमर,एसडीओ, कलाथा ओवरऑल प्रभारी रहेंगे

चूडेश्वर सेवा समिति चूड़धार के कार्य

चूड़ेश्वर सेवा समिति चूड़धार का गठन 22 साल पहले चूड़धार में पहुँचने वाले हारे-थके यात्रियों के लिए निशुल्क भंडारे के रूप में हुआ था क्योंकि उस दौरान वहाँ पर निजी ढाबे भी नही थे ओर
ऐसे दुर्गम स्थान पर लोगों को अपना राशन ले जाकर और स्वंय पका कर खाना पड़ता था ।
उसके बाद निजी ढाबे शुरू हुए, वह भी वहाँ पर अपने दाम वसूलते थे और ठहरने के लिए भी उचित व्यवस्था नही थी ।
तीर्थ यात्रियों की इन कठिनाइयों को मध्य नजर रखते हुये कुछ शिरगुल भक्तों ने निशुल्क भंडारा शुरू करने का निर्णय लिया ।
भंडारा संचालन के लिए अंशदान रूप में 2100 वार्षिक सदस्यता के रूप में शुरूआत की गई, जो आज भी जारी है ।
आज से 20-22 साल पहले 2100 की राशि बहुत ज्यादा मायने रखती
थी। शिरगुल महाराज की कृपा से नौबत नही आई और अंशदान का कारवां आगे बढ़ता गया, भंडारा भी चलता रहा और धीरे-धीरे वहाँ पर ठहरने के लिए सराय का निर्माण भी होता रहा।
वर्तमान में वहाँ पर एक रात्रि विश्राम के लिए 4-5 हजार लोग ठहरते हैं और उन सब के लिए 11,965 फीट की ऊंचाई पर सब लोगों के अंशदान से निशुल्क रात्रि ठहराव और भंडारा भी चल रहा है ।

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