जिला सिरमौर के शिलाई विधानसभा क्षेत्र के कोटा पाब के टिकोरी गांव के निवासी बुजुर्ग मनीराम की उम्र करीब 80 साल है। लेकिन उनका हौंसला 18 साल के युवक जैसा है। उनको जब भी पांवटा में काम होता है तो पैदल चलकर आते हैं।
उनके पैदल आने का कारण ये भी है कि बस या अन्य गाड़ी में बैठने पर उनकी तबीयत खराब होती है। इसलिए पैदल ही आते हैं और पैदल ही वापस जाते हैं। जबकि कोटा पाब की पांवटा से दूरी करीब 35 किलोमीटर से अधिक है।
मनीराम बुजुर्ग है, फिर भी उनके बुलंद हौसलों के चलते वह ये दूरी पैदल ही नाप लेते हैं। उनके आंखों की रोशनी भी कम है और चश्मा लगाते हैं।और लाठी के सहारे पर आते हैं।
बुजुर्ग मनीराम ने बताया कि उनकी उम्र करीब 80 साल है और पिछले कई सालों से कई बार पैदल आ चुके है और पैदल ही पांवटा से वापस गए हैं जब भी उन्हें कोई काम पड़ता है तो पैदल ही आते जाते हैं। और कई बार ऐसा कर चुके है।
उन्होंने कहा है कि कोटा पाब पंचायत से पैदल चलना शुरू करते है। फिर नीचे सतौन – चांदनी मार्ग पर मानल गांव पहुंचते है। इसके बाद सतौन आते है फिर पांवटा की पैदल आते है। वह सुबह चलते है तो शाम तक पहुंच जाते है।
वह अपने परिवार के पास पांवटा के गांव नारीवाला में रात को रुकते हैं और फिर उसके बाद अगले दिन अपना काम करके एक-दो दिन भी आराम करने के बाद वापस लौटते है।
ऐसा नहीं है कि उनके पास बस या अन्य साधन नहीं है लेकिन तबीयत खराब होती है। इनको उल्टी आती है। इसलिए लंबे समय से पैदल यात्रा करते हैं।

