पांवटा कांग्रेस के पूर्व नेता, आम आदमी पार्टी के नेता रहे चुके और भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अनिंदर सिंह नौटी ने पांवटा साहिब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वर्ष 2021 में मोदी सरकार ने आंदोलनरत किसानों से लिखित में 10 वायदे किए थे। जिसके बाद तब आंदोलन स्थगित किया गया था।लेकिन दो वर्ष बीत जाने पर भी जब उनको पूरा नहीं किया गया इसलिए अब किसान फिर से सड़कों पर उतरे है। किसान मोदी सरकार को उसके वायदे याद करवाने दिल्ली जा रहे थे।
लेकिन बॉर्डर पर किसानो से आतंकवादियों जैसा बर्ताव किया जा रहा है। क्या जो किसान अपने हक के लिए लड़ रहे है उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों हो रहा है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल के किसान भी एक बार फिर अपने दूसरे राज्यों के किसानों के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर खड़े हैं। और पांवटा साहिब से पहला जत्था 14 फरवरी को शंभू बॉर्डर पहुंच चुका था जिसमें प्रदेश अध्यक्ष सहित गुरजीत नंबरदार, जसविंदर बिलिंग चरणजीत सिंह और अर्जुन आदि किसान साथी शामिल रहे। उन्होंने कहा कि आगे भी पूरे हिमाचल प्रदेश से अलग से जत्थे को बारी बारी भेजा जाएगा और हिमाचल के भारतीय किसान यूनियन अपनी पूरी भूमिका निभाएगा।

